श्रद्धालुओं के लिए खुले बद्रीनाथ मंदिर के कपाट,हर वर्ष बढ़ रही है यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या।

चमोली(एटम बम)भूवैकुंठ धाम भगवान श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार को शुभ मुहूर्त पर ब्रहम बेला में पूरे वैदिक मंत्रोचारण एवं गढवाल राइफल बैण्ड की मधुर धुन के बीच श्रद्वालुओं के दर्शनाथ खोल दिए गए। ब्रदीनाथ धाम के मुख्य रावल वीसी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोचारण के साथ मंदिर के कपाट खोलकर विधिवत पूजन करते हुए सभी के लिए मंगलमय यात्रा की प्रार्थना की। कपाटोत्घाटन के मौके पर पूरे मंदिर की सजावट गेंदे के फूलों से की गई। स्थानीय महिलाओं ने पारम्परिक नृत्य के साथ भगवान बद्रीनाथ की स्तुति की। पूर्व निर्धारित लगनानुसार बद्रीनाथ धाम के कपाट सुबह 4ः15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। धाम के कपाट खुलने के एक दिन पहले से ही बद्रीनाथ में श्रद्वालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। कपाट खुलने के पहले ही दिन हजारों की संख्या में श्रद्वालुओं ने धाम पहुॅचकर भगवान बद्रीनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। कपाटोत्धाटन से पूर्व बद्रीनाथ मंदिर के सिंहद्वार पर वेद वेदांग संस्कृति महाविद्यालय जोशीमठ के छात्रों ने स्वास्ति वाचन और बिष्णु सहस्रनाम का पाठ किया।बैकुण्ठ धाम के आसपास तप्तकुण्ड, नारद कुण्ड, शेष नेत्र झील, नीलकण्ड शिखर, उर्वशी मन्दिर, ब्रह्म कपाल, माता मूर्ति मन्दिर तथा देश के अंतिम गांव माणा, भीमपुल, वसुधारा जल प्रपात आदि ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थलों पर भी श्रद्वालु एवं पर्यटकों की भारी भीड लगी रही। विगत वर्षो में लाखों श्रद्वालु बद्रीनाथ की यात्रा कर चुके है। पिछले तीन सालों के आंकडो पर नजर डाले तो वर्ष 2016 में 654355, वर्ष 2017 में 920466 तथा वर्ष 2018 में 1048051 श्रद्वालु बद्रीनाथ पहुॅचे। श्रद्वालुओं की प्रत्येक वर्ष बढती संख्या को देखते हुए शासन प्रशासन भी आवश्यक सुविधाएं जुटाने के लिए तत्पर है। बद्रीनाथ धाम के कपाटोत्घाटन के बाद प्रातः 9ः15 बजे राज्यपाल उत्तराखण्ड शासन बेवी रानी मौर्य ने भगवान बद्रीनाथ की विधिवत पूजा अर्चना करते हुए अखण्ड ज्योति के दर्शन किए। पूजा अर्चना में उनके पति प्रदीप कुमार एवं पुत्र अभिनव भी उनके साथ मौजूद रहे।राज्यपाल अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बद्रीनाथ के कपाट खुलने के एक दिन पहले ही बद्रीनाथ धाम पहुॅचे थे। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक से यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कपाट खुलने के बाद राज्यपाल ने मंदिर पहुॅचकर भगवान बद्रीविशाल की विधिवत पूजा अर्चना कर राज्य की खुशहाली की कामना की। बद्रीनाथ धाम में अखण्ड ज्योति के दर्शन करने के उपरांत राज्यपाल को मंदिर समिति ने स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र भेंट किया। इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, मंदिर समिति के मुख्य कार्यधिकारी बीडी सिंह, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान, जिला प्रशासन, सेना एवं बीआरओ के अधिकारियों सहित कई गणमान्य नागरिकों एवं श्रद्वालुओं मौजूद रहे।मंदिर में पूजा अर्चना के बाद लौटते वक्त राज्यपाल ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए पंचबद्री प्रसादम् स्टाॅल का निरीक्षण भी किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने उन्हें पंचबद्री प्रसादम् भी भेंट किया।  बद्रीनाथ दर्शन करने के बाद राज्यपाल ने देश के अंतिम गांव माणा का भ्रमण कर स्थानीय महिलाओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से बातचीत करते हुए स्थानीय हस्तशिल्प एवं उत्पादों की जानकारी लेते हुए उनका हालचाल जाना और उनके साथ फोटो भी खिचवाई। माणा गावं से थोडा आगे जाकर उन्होंने सरस्वती और अलकनंदा संगम, सतोपंत मार्ग, देवी मंदिर, भीमपुल, वसुधारा जल प्रपात आदि का नजारा लेते हुए इन ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी भी ली। वही दूसरी ओर राज्यपाल ने कार द्वारा माणा से 8 किलोमीटर आगे घस्तोली क्षेत्र का भ्रमण भी किया।राज्यपाल शुक्रवार को भी बद्रीनाथ में ही रात्रि विश्राम करेंगे तथा शनिवार को प्रातः 11ः50 बजे बद्रीनाथ धाम से कार द्वारा जोशीमठ होते हुए गौचर हैलीपैड पहुॅचेंगे तथा गौचर से हैलीकाप्टर द्वारा देहरादून के लिए रवाना होंगे।  

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